आप सबका स्वागत है इस लेंडी और टट्टी से जुड़ी ब्लॉग पर ! यहाँ पर हम हर प्रकार की टट्टी के बारे में समझेंगे..पढेंगे..और अपने विचार लिखेंगे ! यहाँ कोई किसी का दुश्मन नही है ! आज इस नए एक्सपेरिमेंट का मेरा और मेरे दोस्तों का पहला दिन है ! इस विचार के बारे में मैं दो शब्द लिखना चाहूँगा !
जब मैं बहुत छोटा बच्चा था और छोटी छोटी लेंडी करता था..तब हमेशा नीचे देख कर सोचा करता था की यह पानी डालने के बाद जाती कहाँ होगी..फ़ीर एक दिन खेलते खेलते मैंनेएक गड्ढे में जा गिरा..और फ़ीर कभी भी उभर नही पाया..वोह गड्ढा कोई आम गड्ढा नही था..वोह एक sanitary waste का गड्ढा था...तब मैंने सीख लिया की जीवन में कुछ चखा हो या न चखा हो..बुत लेंडी ज़रूर चख लेना चाहिए आदमी को...वही से मेरा नाम पोट्टी बॉय पड़ गया !
खैर ! बीता हुआ कल फ़ीर कभी नही आता !
चलिए...अब मैंने सभी मित्रो से गुजारिश करता हूँ की मुझे और मेरे दोस्त प्रिया की इस कम्युनिटी को फला फुला दे अपनी टट्टी से...जय हिंद !!!!
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